डिजिटल शिक्षा एवं माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं का अध्ययन
DOI:
https://doi.org/10.64751/expemh04Abstract
वर्तमान समय में डिजिटल शिक्षा शिक्षा व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण अंग बन गया है। डिजिटल उपकरणों, ऑनलाइन शिक्षा मंचों, स्मार्ट कक्षाओं तथा डिजिटल अध्ययन सामग्री के बढ़ते उपयोग ने शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक सुगम, लचीला एवं प्रभावी बनाया है। किंतु डिजिटल शिक्षा के अत्यधिक एवं असंतुलित उपयोग के कारण विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित प्रतिकूल प्रभावों को भी ध्यान में रखना आवश्यक है। माध्यमिक स्तर के विद्यार्थी किशोरावस्था की संवेदनशील अवस्था में होते हैं, इसलिए डिजिटल शिक्षा के संदर्भ में उत्पन्न मानसिक एवं भावनात्मक समस्याओं का अध्ययन विशेष महत्व रखता है।
प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों में डिजिटल शिक्षा के कारण उत्पन्न होने वाली मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं का अध्ययन करना था। अध्ययन में बाराबंकी जिले के माध्यमिक स्तर के कुल 600 विद्यार्थियों को न्यादर्श के रूप में सम्मिलित किया गया, जिनमें ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों के विद्यार्थी शामिल थे। न्यादर्श का चयन यादृच्छिक विधि द्वारा किया गया। अध्ययन में शोधकर्ता द्वारा निर्मित “डिजिटल शिक्षा के संदर्भ में मानसिक स्वास्थ्य समस्या मापनी” का प्रयोग किया गया।
प्राप्त प्रदत्तों के विश्लेषण एवं व्याख्या के लिए उपयुक्त वर्णनात्मक सांख्यिकी तथा स्तर निर्धारण की प्रक्रिया का प्रयोग किया गया।
अध्ययन के आधार पर यह पाया गया कि ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों के विद्यार्थियों में डिजिटल शिक्षा के संदर्भ में मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित समस्याएँ विभिन्न स्तरों पर विद्यमान हैं। विद्यार्थियों में तनाव, मानसिक थकान, एकाग्रता में कमी, चिड़चिड़ापन, भावनात्मक अस्थिरता, नींद में व्यवधान तथा उदासी जैसी समस्याओं की स्थिति अध्ययन की दृष्टि से महत्वपूर्ण पाई गई। शहरी विद्यार्थियों में उच्च स्तर की मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का प्रतिशत ग्रामीण विद्यार्थियों की अपेक्षा अधिक पाया गया।
अध्ययन से यह निष्कर्ष प्राप्त हुआ कि डिजिटल शिक्षा को विद्यार्थियों की मानसिक एवं भावनात्मक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए संतुलित रूप से संचालित किया जाना आवश्यक है। विद्यालयों में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, परामर्श सेवाओं, संतुलित स्क्रीन समय तथा स्वस्थ डिजिटल व्यवहार को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। अध्ययन के निष्कर्ष शिक्षकों, अभिभावकों, विद्यालय प्रशासकों एवं शिक्षा-नीति निर्माताओं के लिए उपयोगी हो सकते हैं।
Downloads
Published
Issue
Section
License

This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License.






